अब आगरा में भी अत्याधुनिक इलाज, एसएन में हुआ बिना बड़े चीरे के भोजन नली के कैंसर का ऑपरेशन
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने 69 वर्षीय महिला के भोजन नली के कैंसर का मिनिमली इनवेसिव ‘VATS इसोफेगेक्टॉमी’ तकनीक से सफल ऑपरेशन किया है। डॉ. लवीना बलानी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने यह जटिल सर्जरी पूरी की। इस तकनीक से मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी स्वस्थ होने जैसे लाभ मिलते हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है।
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने भोजन नली (इसोफेगस) के कैंसर से पीड़ित 69 वर्षीय महिला का अत्याधुनिक तकनीक से सफल ऑपरेशन कर नई उम्मीद जगाई है।
मरीज की कीमोथेरेपी पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव तकनीक ‘वीएटीएस (VATS) इसोफेगेक्टॉमी’ के जरिए जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
यह जटिल शल्यक्रिया सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की मुख्य शल्य चिकित्सक डॉ. लवीना बलानी के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन टीम में डॉ. अभिषेक अरोरा, डॉ. श्रुति, डॉ. विशाल, डॉ. सचिन और डॉ. मनु शामिल रहे। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग की ओर से डॉ. अतिहर्ष, डॉ. प्रभा, डॉ. अमृता, डॉ. हेमंत, डॉ. रवि, डॉ. वम्शी और डॉ. श्रुति ने अपनी अहम भूमिका निभाई। ऑपरेशन थिएटर स्टाफ में शाइना सिस्टर, जसवंत और जयकिशन ने भी पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
क्या है VATS इसोफेगेक्टॉमी तकनीक?
डॉ. लवीना बलानी ने बताया कि वीएटीएस (Video-Assisted Thoracoscopic Surgery) इसोफेगेक्टॉमी भोजन नली के कैंसर के इलाज की एक आधुनिक और उन्नत शल्य तकनीक है। इसमें पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बड़े चीरे लगाने की आवश्यकता नहीं होती। इस तकनीक में शरीर पर छोटे-छोटे चीरे लगाकर विशेष कैमरे और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कई फायदे मिलते हैं। इससे विधि से ऑपरेशन के बाद कम दर्द होता है। रक्तस्राव की संभावना कम रहती है। संक्रमण का खतरा घट जाता है। मरीज तेजी से स्वस्थ होता है। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो सकती है।
आगरा के मरीजों को मिल रही अत्याधुनिक सुविधा
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि संस्थान का सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग लगातार जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और कैंसर संबंधी शल्यक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीकों से इलाज की सुविधा उपलब्ध होने से आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों को अब बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। संस्थान भविष्य में भी मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैंसर उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी मेडिकल संस्थानों में इस तरह की उन्नत सर्जिकल तकनीकों का सफल उपयोग क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में नई संभावनाएं खुल रही हैं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने शहर में ही उपलब्ध हो रही हैं।