अरावली के ‘मौत के तालाब’ में डूबे दो छात्र, चीख-पुकार के बीच बुझ गए दो घरों के चिराग

आगरा के धनौली क्षेत्र में अरावली पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से नौवीं कक्षा के दो छात्रों, 15 वर्षीय देवमोहन और 14 वर्षीय करन सिंह की मौत हो गई। स्कूल से छुट्टी के बाद पांच दोस्त पहाड़ों की तरफ गए थे, जहां दोनों नहाने के लिए पानी में उतर गए। ग्रामीणों और पुलिस ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद दोनों गांवों में शोक की लहर है।

Jul 22, 2026 - 18:18
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अरावली के ‘मौत के तालाब’ में डूबे दो छात्र, चीख-पुकार के बीच बुझ गए दो घरों के चिराग
तालाब में डूबे छात्रों को तलाशते ग्रामीण।

आगरा। अरावली पर्वत श्रृंखला की तलहटी बुधवार दोपहर उस वक्त मातम में बदल गई, जब स्कूल से लौटे दो किशोर छात्रों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। हादसा धनौली क्षेत्र के नगला मंशा के पास हुआ, जहां पहाड़ों में पुरानी खुदाई के बाद बने गहरे तालाब में दोनों छात्र नहाने के लिए उतर गए थे। कुछ ही पलों में दोनों गहरे पानी में समा गए। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, रायभा स्थित लॉर्ड शिवा पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले नौवीं कक्षा के पांच छात्र बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे छुट्टी के बाद अरावली के पहाड़ों की तरफ घूमने चले गए। बारिश के कारण पहाड़ों में खुदाई से बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया था। इसी दौरान नगला मंशा निवासी 15 वर्षीय देवमोहन पुत्र ईश्वरी प्रसाद और नगला धाराजीत निवासी 14 वर्षीय करन सिंह पुत्र रामेंद्र सिंह नहाने के लिए पानी में उतर गए। दोनों को तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं था। देखते ही देखते दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में डूबने लगे।

साथियों की चीख-पुकार से जुटे ग्रामीण

किनारे पर खड़े तीनों साथियों ने जब अपने दोस्तों को डूबते देखा तो वे घबरा गए और जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में नगला मंशा और धनौली के सैकड़ों ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। गांव के कई युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में छलांग लगा दी और दोनों छात्रों को तलाशने का प्रयास शुरू कर दिया।

पुलिस और प्रशासन ने चलाया राहत अभियान

घटना की सूचना मिलते ही किरावली और अछनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम अभिनव पाठक और तहसीलदार दीपांकर भी राजस्व टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों और पुलिस ने करीब एक घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा भेजा गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

एक इकलौता बेटा, दूसरे के सिर से उठ गया बड़े भाई का साया

हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। मृतक देवमोहन अपने परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता ईश्वरी प्रसाद मार्बल का काम करते हैं। वहीं करन सिंह अपने पिता रामेंद्र सिंह का इकलौता बेटा था, जो खेती-बाड़ी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। करन सिंह के परिजन पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को गांव ले गए, जबकि देवमोहन के परिजन बेटे के जिंदा होने की उम्मीद नहीं छोड़ पाए। वे बेहतर इलाज की मांग करते हुए उसे एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की मदद से छात्र को आगरा भेजा गया।

दो गांवों में पसरा मातम

एक साथ दो मासूम छात्रों की मौत की खबर फैलते ही नगला मंशा और नगला धाराजीत गांवों में मातम छा गया। परिवारों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग इस हादसे के लिए पहाड़ों में खुदाई के बाद बने उन गहरे गड्ढों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जो बरसात में मौत के तालाब बन चुके हैं।