दिल्ली में जंतर-मंतर पर फिर हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया हमला, आंसू गैस के गोले दागे गए

सीजेपी का जंतर-मंतर पर बुधवार (22 जुलाई) को 25वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर हंगामा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फिर हमला किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

Jul 22, 2026 - 21:54
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 दिल्ली में जंतर-मंतर पर फिर हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया हमला, आंसू गैस के गोले दागे गए


नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर बुधवार (22 जुलाई) को 25वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। विपक्षी सांसदों ने संसद के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व में काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। सूत्रों के मुताबिक, आज देर शाम तक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ सरकार के प्रतिनिधियों की मुलाकात हो सकती है। फिलहाल, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जगह को लेकर चर्चा जारी है। वहीं, सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करने के लिए विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल पहुंचा।

दिल्ली में बुधवार (22 जुलाई) को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो के 16स्टेशन बंद किए गए, जिससे सुबह के व्यस्त समय में हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कार्यालयों को जाने वाले कई यात्रियों को बीच रास्ते में अपना मार्ग बदलना पड़ा। कुछ को अपरिचित स्टेशनों पर उतरना पड़ा और वैकल्पिक परिवहन के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

डीएमआरसी ने बुधवार सुबह लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, उच्चतम न्यायालय, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। डीएमआरसी का यह कदम जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया।

उधर, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार (22 जुलाई) को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कल्याण बनर्जी को सदन में कुछ महिला सदस्यों से अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में चालू सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।

विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी दो बार के स्थगन के बाद तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगे।

जेपी नड्डा ने कहा, 'सरकार एक जिम्मेवार सरकार है इसलिए निश्चित रूप से हर बात का जवाब जांच के साथ जनता के सामने रखेगी। मैं ये जरूर कहना चाहता हूं कि मुझे ध्यान में आया है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरलम, कर्नाटक में पेपर लीक हुआ, इन सब में कांग्रेस या उनके समर्थन वाली सरकार है। इसकी बहुत लंबी लिस्ट है। मैं विपक्ष के नेता से पूछना चाहूंगा कि आप सेलेक्टिव क्यों हैं? आपका उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है। आप छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है।