ट्रैक्टर मार्च पर पुलिस की रोक से भड़के किसान: सड़क पर धरना, प्रशासन से तीखी तकरार, 27 जुलाई को डीएम संग होगी निर्णायक वार्ता

आगरा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले मंगलवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। प्रशासन ने बमरौली कटारा से रमाडा क्रॉसिंग तक कई स्थानों पर भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनें लगाकर ट्रैक्टर मार्च रोक दिया, जिसके बाद किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सड़क पर धरना देकर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अंततः सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन ने किसानों की समस्याओं पर 27 जुलाई को जिलाधिकारी के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया है।

Jul 21, 2026 - 20:04
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ट्रैक्टर मार्च पर पुलिस की रोक से भड़के किसान: सड़क पर धरना, प्रशासन से तीखी तकरार, 27 जुलाई को डीएम संग होगी निर्णायक वार्ता
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले मंगलवार को आगरा में सड़क पर धरना देते किसानों से वार्ता करते अधिकारी।

भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। किसानों के बढ़ते काफिले को रोकने के लिए प्रशासन ने बमरौली कटारा से लेकर रमाडा क्रॉसिंग के बीच कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कराई और भारी पुलिस बल के साथ दर्जनों जेसीबी मशीनें तैनात कर दीं।

प्रशासन की रोक के बावजूद किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। भारतीय किसान यूनियन के झंडे हाथों में लेकर किसान "भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद" और "किसान बचाओ–फसल बचाओ" के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। रमाडा क्रॉसिंग पर पुलिस और किसानों के बीच तीखी तकरार की स्थिति बन गई। हालांकि मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों की सूझबूझ से हालात नियंत्रित रहे।

घटनास्थल पर एसीपी ताज सुरक्षा, एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया सड़क पर धरने के लिए लेट गए। उनके समर्थन में सैकड़ों किसान भी सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति को गंभीर होता देख जिलाधिकारी ने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट और भूमि अध्याप्ति अधिकारी को मौके पर भेजा। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं और ज्ञापन सौंपा।

भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि एत्मादपुर मदरा, महल बादशाही, गढ़ी महावन सहित कई गांवों के किसानों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना के खतौनियों से हटाकर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के नाम दर्ज कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे किसानों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।

जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने कहा कि आलू उत्पादक किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है और कई किसान आत्महत्या की स्थिति तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग चेकिंग अभियान के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कर रहा है तथा रिश्वत न देने वाले किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों की भूमि की सुरक्षा तथा बिजली विभाग की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।

किसानों के ज्ञापन पर सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर जिलाधिकारी के साथ शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की ओर से 27 जुलाई को किसानों और जिलाधिकारी के बीच बैठक कराने की बात कही गई।

सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी घोषणा की कि एत्मादपुर क्षेत्र में जिन किसानों के नाम भूमि अभिलेखों से हटाए गए हैं, उनकी प्रक्रिया की तत्काल समीक्षा कराई जाएगी। फिलहाल नाम हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाएगी और पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से तांती राम जादौन, विपिन यादव, मनीष वर्मा, नत्थू सिंह धाकरे, कृपाल सिंह फौजदार, गिर्राज सिंह नौहवार, सोमवीर यादव, रणजीत सिंह यादव, कोमल सिंह बघेल, श्यामवीर सिंह चाहर, दया यादव, हरेंद्र सिंह जसावत, कृष्ण कांत शर्मा, अभिषेक तारोलिया, अनुज प्रताप सिंह, अंशुल सिंह, अमन यादव, राहुल यादव तथा संदीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor