विशेष

किसके अधिकार, कौन से अधिकार?  अगर प्रकृति मरी, तो मानव ...

मानव अधिकार तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब प्रकृति के अधिकार संरक्षित हों। प्रदूषण,...

तो क्या सरकार थक चुकी है?  विकास की धीमी चाल: जुमलों का...

तीसरे कार्यकाल में मोदी सरकार की रफ्तार थम सी गई है। विमानन से शिक्षा, स्वास्थ्य...

वैष्णव जन तो तेने कहिए…भारतीय संत साहित्य परंपरा: जिसने...

भारतीय इतिहास में संत सुधारकों ने गहन और जटिल आध्यात्मिक ज्ञान को जनसाधारण की भा...

मोदी–पुतिन की हम साथ–साथ यात्रा: बर्फ़ीले उत्तर से आई ग...

मोदी–पुतिन मुलाकात ने भारत–रूस रिश्तों को नई ऊर्जा दी है। रक्षा–ऊर्जा साझेदारी ग...

जब देश की उड़ानें ज़मीन पर आ गिरीं: इंडिगो के धड़ाम से ...

इंडिगो के संकट ने पूरे भारतीय विमानन तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। निय...

हम दो हमारे दो के नारे ने एक खामोश क्रांति को अंजाम दिय...

भारत ने जबरदस्ती नहीं, बल्कि जागरूकता, सहमति, महिलाओं की भागीदारी और आशा कार्यकर...

समझदारी से हल हो सकता है आरक्षण का मुद्दाः जरूरत है एक ...

जाति-आधारित भेदभाव आज भी हिंदू समाज में गहराई से मौजूद है। आरक्षण अनिश्चितकाल तक...

देशी तालीम की कड़वी हकीकत: स्कूल दरकिनार, कोचिंग ही अब ...

भारत की शिक्षा व्यवस्था कोचिंग संस्कृति के प्रभाव में कमजोर हो चुकी है। स्कूल और...

क्लासरूम से कॉरिडोर तकः भारत के एलीट स्कूलों में Gen Z ...

भारत के महंगे और प्रतिष्ठित स्कूलों में बच्चों की भाषा तेजी से बिगड़ रही है। Gen...

दहेज का ख़ूनी खेल कब थमेगा? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेताव...

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या को निजी त्रासदी नहीं बल्कि गंभीर सामाजिक अपराध बताते...