विशेष

यमुना छठ पर विशेषः भ्रष्ट तंत्र, सरकारी लापरवाही और प्र...

यमुना अब केवल एक प्रदूषित नदी नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही, भ्रष्ट तंत्र और प्रशा...

भारत पर सवालों की बौछार, चीन पर खामोशी! आखिर पश्चिमी मी...

पश्चिमी मीडिया भारत की लोकतांत्रिक कमियों, प्रेस स्वतंत्रता, सांप्रदायिक तनाव और...

ज्योतिष, विज्ञान है या कला? सत्ता के सौदागरों का सबसे ब...

ज्योतिष और सत्ता का रिश्ता आज भी राजनीति, मीडिया और समाज में गहराई से दिखाई देता...

अब वक्त आ गया है कि जनसंख्या नीति को बदल दिया जाए!

देश में तेजी से बढ़ती आबादी अब केवल संख्या का विषय नहीं, बल्कि गरीबी, बेरोजगारी,...

तिलचट्टा, परजीवी....शब्दों की मर्यादा और अदालतों की गरिमा

मान भी लें कि कुछ गलत एलिमेंट्स मीडिया में दाखिल हो चुके हैं, और कई एक्टिविस्ट्स...

पीएम नरेंद्र मोदी की गांधीवादी अपील, लेकिन सरकारी नीतिय...

एक ओर प्रधानमंत्री द्वारा सादगी, ईंधन बचत और गांधीवादी संयम की अपील की जाती है, ...

चुनावी चक्रव्यूह में फंसा भारत: वोट बैंक की राजनीति में...

लगातार चुनावी माहौल और वोट बैंक केंद्रित राजनीति ने भारत में दीर्घकालिक विकास की...

एआई की सीमाओं से आगे मानव बुद्धिमत्ता की खोज: क्या क्वा...

वर्तमान एआई तकनीक डेटा आधारित गणनाओं में सक्षम होने के बावजूद मानवीय चेतना, नैति...

मुद्दों के मेले,  हम हैं अकेले!!

जनता रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे असली मुद्दों से जूझ रही है, जबकि स...

देश भर में प्रदूषण की मार के लिए उद्योगों को कठघरे में ...

देश के महानगर लगातार बढ़ते प्रदूषण से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके लिए केवल उद्योगों ...