विशेष

आरटीआईः बीस वर्षों बाद भी अधूरी पारदर्शिता, लोक प्राधिक...

सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) ने 20 वर्षों में लोकतंत्र को मज़बूत करने की दि...

भारत में इश्क़ की क्रांति: प्यार जो बना बदलाव की ताक़त ...

किसी छोटे शहर की गली में जब एक लड़की किसी दूसरी जाति के लड़के का हाथ थाम लेती है...

समाज की बलात्कारी व्यवस्था: इंसानियत की लाश पर सभ्यता क...

  भारत में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे यौन अपराध, न्याय व्यवस्था की सुस्ती,...

ताजमहल बनाम डेवलपमेंट: जब आगरा की सांसें धुएं और धरोहर ...

आगरा में विकास और विरासत की लड़ाई चरम पर है। सुप्रीम कोर्ट में ताजमहल की रक्षा ब...

संयम से समृद्धि तक: आओ फैमिली प्लानिंग अभियान की सफलता ...

कल्पना कीजिए, यदि भारत ने परिवार नियोजन कार्यक्रम न अपनाया होता—तो आज आबादी 250 ...

आईएएस बनाम भारत: जब ‘सेवा’ के नाम पर सत्ता की भूख पलने लगी

भारत में आईएएस सेवा अब ‘जनसेवा’ का नहीं, ‘सत्ता-संवर्द्धन’ का प्रतीक बन चुकी है।...

वैवाहिक बंधनों से छटपटाहट: हमारे बेडरूम बन रहे खूनी युद...

 डिजिटल दौर में रिश्तों की नींव हिल चुकी है। सोशल मीडिया और बढ़ती यौन उदारता ने ...

हम सब रावण हैं- हमारे भीतर बैठा अत्याचारी तानाशाह ही अस...

हर साल रावण को जलाने का नाटक करते हैं, पर असली रावण कभी मरता नहीं, वो हमारे भीतर...

हिंग्लिश: नई पीढ़ी की असली ज़ुबान, जहां ग्रामर से ज़्या...

देश की ज़ुबान का मिज़ाज ही कुछ और है — यहां “Hello” के बाद “भइया, चाय लाना” बोलन...

क्यों नेता विपक्ष बार-बार भारत के लोकतंत्र को विदेशों म...

राहुल गांधी बार-बार विदेशों में भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाकर विपक्ष की ही छवि ...